यमन प्रतिरोधी आंदोलन अंसारुल्लाह के जनरल सेक्रेटरी अब्दुल मालिक हौसी ने अंसारुल्लाह के संस्थापक हुसैन बदरुद्दीन अलहौसी की पुण्यतिथि पर आयोजित समारोह में उपस्थित सरकारी अधिकारयों एवं सैन्याधिकारियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि हम कभी स्वीकार नहीं कर सकते कि हम उस समाज की भांति बन जाये जिसे जो चाहे रौंद कर चला जाये जिसका कोई महत्व न हो जिनका लाखों की संख्या में नरसंहार होता रहे । अंसारुल्लाह आंदोलन प्रमुख ने ज़ायोनी - अमेरिकी अतिक्रमण के जवाब में कुछ संगठनों तथा अधिकारियों के मुंहतोड़ जवाब की प्रशंसा करते हुए कहा कि अमेरिकी एवं ज़ायोनी अत्याचार से पीड़ित अरब जगत तथा मुस्लिम देशों को एकजुट होकर इनका सामना करना चाहिए । उन्होंने इस्लामी राष्ट्र होने का पाखंड करने वाले सऊदी अरब के बारे में कहा कि सऊदी शासन के नज़दीक इस्लाम नाम की कोई चीज़ नहीं है । उन्होंने कहा कि अमेरिका तथा अवैध राष्ट्र का निडरता से सामना करना होगा जो हमे मानव संसाधन के रूप में प्रयोग करना चाहता है ।
23 अप्रैल 2017 - 17:40
समाचार कोड: 825537
अमेरिका तथा अवैध राष्ट्र का निडरता से सामना करना होगा जो हमे मानव संसाधन के रूप में प्रयोग करना चाहता है ।